90th Swami Shraddhanand Balidan Diwas

Procession and Public Meeting

आर्य केंद्रीय सभा (दिल्ली-राज्य) नई दिल्ली के तत्त्वावधान में स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान दिवस पर विशाल शोभा यात्रा एवं सार्वजनिक सभा का आयोजन 25 दिसम्बर 2016 को किया गया। प्रातः काल 8 बजे से 9:30 बजे तक आचार्य सहदेव शास्त्री के ब्रह्मत्व में यज्ञ संपन्न हुआ जिसमें आर्य-केंद्रीय सभा दिल्ली, आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली तथा दिल्ली एवं आस-पास के क्षेत्रों के समस्त आर्य-समाजों, आर्य वीर एवं वीरांगनाओं के दल, आर्य विद्यालयों एवं आर्य संगठनों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। प्रातः 10 बजे विशाल शोभा यात्रा का शुभारम्भ वेद मन्त्रोच्चारण एवं उच्च वैदिक जयघोष के साथ जिसमें ओम् ध्वज को श्रीमती प्रभा आर्य व श्रीमती अनीता कुमार ;अग्रणी पक्ति मेंद्धजिसका नेतृत्व करते हुए रथ पर विराजमान स्वामी प्रणवानन्द जी, संन्यासी स्वामी सम्पूर्णानन्द जी महाराज, श्री विनय आर्य महामन्त्री दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा, श्री सतीश चड्ढा महामंत्री, श्री सुरेन्द्र कुमार रैली वरिष्ठ उपप्रधान आर्य केद्रीय सभा, श्री अरुण वर्मा, श्री योगेश आर्य, श्री एस.पी. सिंह जी के दिशा निर्देशन में हुआ।

90वीं स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती शोभा यात्रा बलिदान भवन नया बाजार, लाहौरी गेट से चलकर, खारी बावली, चांदनी चौक, टाउन हाल, नई सड़क तथा अजमेरी गेट होती हुई, लगभग तीन किलोमीटर का सफर तय कर 1 बजे रामलीला मैदान में पहुंची, जिसमें दिल्ली की समस्त आर्य समाजों, आर्य वीरदल एवं वीरांगना दलों तथा आर्य विद्यालयों ने अपनी-अपनी सुन्दर झाकियों का निर्माण कर महर्षि दयानन्द एवं देश भक्तों के चित्रों, कलाकृतियों, वेदमन्त्रों से लिखित बैनरों, ओ३म् की पताकाओं से अच्छी प्रकार सजाया हुआ था। आर्यवीर एवं वीरांगनां दल के सदस्यअपने गणवेश में सुसज्जित पंक्तिबद्ध जयघोष करते, ईश्वर-भक्ति, देश-भक्ति तथा -ऋषि-भक्ति से ओत्-प्रोत् मधुर भजन संगीत से पुरानी दिल्ली का वातावरण नूतन व भक्तिमय बन रहे थे। आर्य वीर एवं वीरांगनाओं के आसन-मल्खम, भाला एवं तलवार बाजी से युद्ध( कौशल प्रदर्शन कर रहे थे बस, टैम्पो-ट्रक आदि बैनरों से सुसज्जित आर्य समाज की टोलियां जयघोष एवं भजन कीर्तन तथा प्रेरक झांकियां सुशोभित एवं मनोहारी प्रतीत हो रही थीं। दिल्ली के विभिन्न आर्य विद्यालयों व गुरुकुलों ने झांकियां और नुक्कड़ नाटिकाओं द्वारा बहुत सुन्दर आर्यसंदेश जनसाधरण तक पहुंचाने का प्रयास किया। इस श्रृंखला में दयानन्द आदर्श विद्यालय-तिलकनगर, आर्य कन्या सी.से. स्कूल-बिरला लाईन्स, रत्न चन्द आर्य पब्लिक स्कूल-विनय नगर, महर्षि दयानन्द पब्लिक स्कूल-शादी खामपुर, आर्य शिशुशाला-ग्रेटरकैलाश-1, आर्य पब्लिक स्कूल, आर्यसमाज श्रीनिवासपुरी, आर्य वीरागंना दल आर्यसमाज जनकपुरी सी ब्लाक, आर्यसमाज कीर्तिनगर, आर्य गुरुकुल रानीबाग व गुरुकुल गौतम नगर बधाई के पात्र हैं। पूरे रास्ते में यज्ञ की झांकी प्रसाद बांटते हुए व घर-घर यज्ञ हर घर यज्ञ का महत्त्व दर्शा रही थी। रास्ते में आर्यसमाज सुर्दशन पार्क, ग्रेन मर्चेन्ट एसो. नया बाजार, आर्य समाज नयाबांस, महाशय धर्मपाल ;महाशियां दी हट्टीद्ध, आर्य समाज दीवान हॉल, आर्यसमाज पुलबंगश, और आर्यसमाज सीताराम बाजार व कई और मार्केट एसोसिएशन ने विभिन्न स्थानों पर न केवल स्वागत किया बल्कि दूर-दूर से आये आर्यजनों तथा विभिन्न विद्यालयों व गुरुकुलों के विद्यार्थियों को प्रसाद भी वितरण किया।यह शोभा यात्रा 1 बजे रामलीला मैदान पहुंचकर वृहत सभा में परिवर्तित हो गई। जिसमें  समाज के वरिष्ठ अधिकारी एवं नेता उपस्थित रहे। अपार जनसमूह जो इस विशाल कार्यक्रम में भाग लेने, सुबह-सुबह बिना भोजन किये आते हैं, उन सबकी भोजन व्यवस्था की सेवा वेद प्रचार मण्डल उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के अधिकारियों ने  विशेष कर श्री सुरेन्द्र कुमार आर्य, श्री देवेन्द्र आर्य, श्री विरेन्द्र आर्य व श्री महेश आर्य ;रानीबागद्ध, श्री सुरेन्द्र चौधरी, श्री आशीश आर्य, श्री नरेश पाल ;रोहिणीद्ध, श्री एस. पी. सिंह ;महरोलीद्ध, श्री नीरज आर्य ;तिहाड़ ग्रामद्ध, श्रीमती शालिनी आर्य व श्रीमती अनीता आर्य ;पटेल नगरद्ध एवं इनके साथियों ने महर्षि के ऋण को उऋण करने का प्रयास किया। 

स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में विशाल सार्वजिक सभा का आयोजन दिल्ली के रामलीला मैदान में किया गया जिसमें सभा अध्यक्ष महाशय धर्ममाल जी ;एम.डी.एच.ग्रुपद्ध मुख्य वक्ता डॉ. सत्यपाल सिंह आर्य तथा मंच संचालन श्री सुरेन्द्र रैली, श्री विनय आर्य व श्री सतीश चड्डा ने किया। सभा का आरम्भ ईश स्तुति व भजनोपदेशक संदीप आर्य व उनके साथियों श्री हरीश, सुनील व भावना ने अपने भजनों के माध्यम से किया। मंच पर उपस्थिति आर्य जगत् के विद्वतगण एवं संन्यासी वृन्द मंच को शोभायमान कर रहे थे जिनका पुष्पमाला एवं शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह से सम्मान किया गया। स्वामी प्रवणानन्द जी ने अपने आशीर्वचनों में स्वामी श्रद्धानन्द जी के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए जोर देकर कहा कि ‘आज भी गुरुकुल विद्या पद्धति का महत्त्व बहुत महत्त्वपूर्ण है और इसकी आवश्यकता भी है।’ आर्य जगत् में प्रसिद्ध विद्वान संन्यासी स्वामी सम्पूर्णानन्द जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती महान सुधारक थे जिन्होंने देश व समाज हित में अपनी समस्त सम्पत्ति दान कर दी व अपने दोनों बच्चां को गुरुकुल में दीक्षित कर, संसार को वैदिक ज्ञान दिया।

आर्य केन्द्रीय सभा के वरिष्ठ उपप्रधान श्री सुरेन्द्र रैली ने आर्य जनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ‘हम अपने परिवार के सदस्यों को वैदिक शिक्षा, संस्कृति व धर्म से अवगत कराएं व भावी पीढ़ी को जोड़ते हुए सजग करें कि वह अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए आर्य समाज व सामाजिक उन्नति करें।’ श्री रैली ने श्री मनीष सिसोदिया जी का स्वागत करते हुए मंच से जनता को आर्य सन्देश देते हुए शिक्षा मंत्री एवं उप मंत्री दिल्ली सरकार श्री मनीष सिसोदिया के कार्यों के कार्यों से परिचित कराया व उन्हें मंच पर आमंत्रित किया। 

श्री मनीष सिसोदिया, उपमंत्री एवं शिक्षा मंत्री दिल्ली सरकार ने अपने उद्बोधन में सभा के सभी पदाधिकारयिं को धन्यवाद देते हुए कहा कि ‘शिक्षा के क्षेत्र में मैं जो परिवर्तन करने की कोशिश कर रहा हूं उसकी सोच स्वामी दयानन्द सरस्वती जी व स्वामी श्र(ानन्द जी के कार्यों से ही प्राप्त करता हूं। मेरा मानना है कि 12 साल की शिक्षा के बाद जो बच्चा स्कूल से निकले वह आधुनिक विज्ञान की सोच का हो।’ श्री अशोक कुमार चौहान, संस्थापक अध्यक्ष एमिटी शिक्षण संस्थान ने मुख्यआतिथ्य स्वीकारते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि आर्य समाज के प्रेरणादायी व क्रांतिकारी संस्था है जिनसे मुझे सदैव मानवता की भलाई के लिए उत्साहित किया। श्री सुरेश चन्द्र आर्य प्रधान, सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘राष्ट्र हितैषी स्वामी श्रद्धानन्द का बलिदान देश के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है।’ श्री मनोहर लाल कुमार, अध्यक्ष दिल्ली सनातन धर्म सभा को स्मृति चिन्ह व पीतवस्त्र से सम्मानित किया गया। आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के नवनिर्वाचित प्रधान मा. रामपाल व उपप्रधान श्री कन्हैया लाल का स्वागत किया गया। मा. रामपाल जी ने अपने भाषण में कहा  ‘स्वामी श्रद्धानन्द ली जानते थे अशिक्षा और गरीबी जहां होती है वहां बहुत जल्द पाखण्ड अपने पैर पसारने लगता है।’ डॉ. सत्यपाल सिंह सांसद ने एक हिन्दू राष्ट्र मंदिर बनाए जाने पर जोर देते हुए बहुत ही सुन्दर पक्तियों में स्वामी श्रद्धानन्द जी के कार्यों को प्रस्तुत किया। दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामन्त्री श्री विनय आर्य ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वामी श्रद्धानन्द सरस्वती ने राष्ट्र उन्नति, राष्ट्रीय एकता व समाज को शिक्षित करने के लिए अनेक आन्दोलन चलाए।

 इस अवसर पर समाज के मूर्धन्य विद्वान एवं कार्यकर्त्ताओं में श्री ऋषिराज वर्मा को वेद प्रकाश कथूरिया स्मृति पुरस्कार, श्री वरुण इन्द्र कथूरिया को डॉ. मुमुक्षु आर्य अमर शहीद पं.राम प्रसाद बिस्मिल स्मृति पुरस्कार, श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी को पं. ब्रह्मानन्द शर्मा आर्य कार्यकर्त्ता पुरस्कार, श्री बाल कृष्ण आर्य को लख्मी चन्द भूरो देवी स्मृति पुरस्कार व श्री दिनेश आर्य को महात्मा प्रभु आश्रित स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बलिदान दिवस की व्यवस्थाओं के लिए सर्वश्री धर्मपाल आर्य, ओम प्रकाश आर्य, राजेन्द्र दुर्गा, योगेश आर्य, एस.पी. सिंह, चतुर सिंह नागर, पंकज आर्य, आचार्य जय प्रकाश शास्त्री, आचार्य सहदेव शास्त्री, दिनेश शास्त्री तथा अशोक कुमार का विशेष योगदान रहा जिसके लिए सभी दानदाताओं व सहयोगियों का साधुवाद है।

-सतीश चड्डा, महामन्त्री

 

 

125th Maharshi Dayanand Saraswati Nirvan Utsav