18th Arya Parivar Vivah Parichay Sammelan

18th Arya Parivar Vivah Parichay Sammelan organize by \"Delhi Arya Pratinidhi Sabha

09 Jul 2017
India
Delhi Arya Pratinidhi Sabha

नई दिल्ली, 9 जुलाई । आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयाननद सरस्वती ने अपने ग्रंथों में विवाह सम्बंधी वैदिक विचारधारा का बडे़ स्पष्ट शब्दों में उल्लेख किया है। आज के ये आर्य परिवार युवक युवती परिचय सम्मेलन उन्हीं वैदिक वैवाहिक सिद्धांतों का साकार स्वरूप है। उक्त विचार अठ्ठारहवें आर्य परिवार युवक युवती परिचय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती प्रकाश कथूरिया प्रधान प्रांतीय महिला सभा ने व्यक्त किया।

आर्यसमाज विकासपुरी बाहरी रिंग रोड़ नई दिल्ली में आयोजित इस 18वें सम्मेलन में उन्होंने कहा कि आर्यसमाज के इन परिचय सम्मेलनों में वैदिक स्वयंवर प्रथा के तहत ही अर्न्तनिहित है।

इस अवसर पर कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक अर्जुनदेव चढ्डा ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि जब कुछ वर्षों पूर्व सार्वदेशिक सभा के निर्देशन में आर्यप्रतिनिधि सभा दिल्ली के द्वारा जब इस प्रकार के परिचय सम्मेलनों के आयोजन का निर्णय लिया गया तो हमने भी इतने वृहद स्तर पर इसके सफलता की कल्पना नहीं की थी। किन्तु 1 से 18वें सम्मेलन तक पहुंचना आर्यसमाज की एक बड़ी उपलब्धि है। इसके माध्यम से सैंकड़ों की संख्या में आर्य युवक एवं युवतियां परिणय सम्बंध में बंध चुके हैं। इससे भावी संतति आर्य संस्कार होगी और आर्यसमाज का विस्तार होगा।

कार्यक्रम का शुभारम्भ ईश्वर स्तुति प्रार्थना, उपासना के मंत्रोच्चारपूर्वक हुआ। मंच पर उपस्थित अतिथियों श्रीमती प्रकाश कथूरिया, ओ.पी. घई, विनय आर्य, अर्जुनदेव चढ्डा, विक्रम नरूला, एस.पी. सिंह, वेदप्रकाश, वीणा आर्या, शिवकुमार मदान, विभा आर्या, सतपाल मामरा, विक्रम नरूला, बलदेव सचदेवा, हर्ष प्रिय आर्य ने दीप प्रज्ज्वलन कर इसका विधिवत् शुभारंभ किया।

दीप प्रज्ज्वलन के उपरान्त आर्यसमाज बाहरी रिंग रोड़ विकासपुरी नई दिल्ली के मंत्री प्रधान श्री वेदप्रकाश ने अतिथियों का परिचय दिया तथा केसरिया पटका पहनाकर आगन्तुकों का स्वागत किया।

सम्मेलन में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलभूषण कुमार संरक्षक आर्यसमाज बाहरी रिंग रोड़ विकासपुरी ने कहा कि महर्षि दयानंद जी ने समान गुण, कर्म एवं स्वभाव वाले युवक युवतियों को परस्पर विवाह करने को कहा है। आर्यसमाज के ये परिचय सम्मेलन इसी अवसर को उपलब्ध कराने का कार्य है। जहां एक ही स्थान पर युवक-युवतियों को मनचाहा जीवनसाथी चुनने को मिल सके।

इस अवसर पर दिल्ली आर्य प्रतिनिधिसभा के महामंत्री श्री विनय आर्य ने कहा कि वर्तमान के युवक युवतियां बेमेल विवाह के स्थान पर अविवाहित जीवन जीने की ओर बढ़ने लगे हैं जो कि सामाजिक व्यवस्था के लिए घातक है। हमें आर्यसमाज का वैवाहिक मंच मिला है अतः इस प्रकार के परिचय सम्मेलन का आयोजन न केवल सामाजिक व्यवस्था बनाये रखने अपितु आर्यसमाज के विस्तार में सहायक होगा।

कार्यक्रम में आर्य केन्द्रीय सभा के संरक्षक श्री ओ.पी. घई ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि आर्यसमाज का यह कदम महिलाओं को समानता का अवसर उपलब्ध करवा रहा है। नई पीढ़ी सहअस्तित्व के सिद्धांत पर विश्वास करती है। इसमें स्त्री पुरूष दोनों को समान रूप से जीवनसाथी चुनने की छूट मिलती है।

अपने सम्बोधन में श्री विक्रम नरूला उपप्रधान आर्य केन्द्रीय सभा दिल्ली राज्य ने कहा कि आर्य संस्कारयुक्त परिवारों के निर्माण की यह अनूठी पहल है। आर्य विचारधारा युक्त युवक-युवतियों के आपस में विवाह करने से आर्य संस्कारों का पीढ़ीगत हस्तांतरण सहज ढंग से होगा जिससे आर्यसमाज एवं आर्य विचारधारा को बढ़ावा मिलेगा।

इस अवसर पर श्री शिवकुमार मदान, उपप्रधान दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा ने कहा कि दहेज, बेमेल विवाह जैसी अनेकों समस्याओं का निराकरण इस प्रकार के माध्यम से हो जाता है।

कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक अर्जुनदेव चढ्डा व दिल्ली क्षेत्र के संयोजक एस.पी. सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सम्मेलन में जिन युवक युवतियों का पंजीकरण किया गया था उनका फोटोयुक्त बायोडाटा विवरणिका पुस्तक का प्रकाशन किया गया था। ये पुस्तिका कार्यक्रम स्थल पर सभी को निःशुल्क वितरित की गई।

उन्होंने बताया कि प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में युवक-युवतियों एवं अभिभावकों का आना प्रारम्भ हो गया था। देश के विभिन्न हिस्सों से आकर आर्य युवक-युवतियों ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया।

तत्काल पंजीयनः- कार्यक्रम स्थल पर ही तत्काल पंजीयन कराने वाले युवक-युवतियों की लाइन लग गई थी। जो सतत रूप से पूरे कार्यक्रम तक चलती रही। 

कार्यक्रम में दिल्ली के संयोजक एस.पी. सिंह ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर पूछताछ, तत्काल रजिस्ट्रेशन, विवरणिका पुस्तक वितरण, युवक-युवती  बेज वितरण आदि के पृथक पृथक काउण्टर लगाए गए थे।

काउण्टर की पूरी जिम्मेदारी वीणा आर्या, विभा आर्या, संयोजिका महिला सुश्री हविषा आर्या, पर्णिका आर्या, श्रीमती ऊषा कुकरेजा, श्रीमति किरण चौपड़ा, श्रीमती सपना तथा दिल्ली सभा के अशोक आर्य, मनोज नेगी, अरूण प्रकाश शास्त्री ने संभाल रखी थी।

बैज वितरण :- सम्मेलन स्थल पर युवक-युवती परिवारों को अलग-अलग रंग के बैज दिये गये तथा उम्मीदवार युवक युवतियों को सफेद रंग के बैज दिये गये जिससे उनकी अलग से पहचान हो सके।

आत्मविष्वास के साथ दिया परिचयः- सम्मेलन में युवक एवं युवतियों ने मंच पर आकर आत्मविश्वास के साथ परिचय दिया। तथा कुछ ने उन्हें कैसा जीवनसाथी चाहिए इस बारे में भी अपने इच्छा जाहिर की। कुछ  अभिभावकों ने अपने पुत्र-पुत्रियों का बायोडेटा मंच पर आकर सबके सामने बताया।

मेल मिलाप समितिः- रिश्तों की वार्ता को आगे बढ़ाने सहयोग के लिए बुजुर्ग सदस्यों की एक मेल मिलाप समिति बनाई गई। समिति ने आपसी मेल मिलाप करने मे पूर्ण सहयोग दिया। जिससे कई रिश्तों की बात आगे चली।

दिल्ली से बाहर से आने वाले कुछ युवक-युवतियों एवं उनके अभिभावक एक दिन पूर्व ही पहुंच गये थे। उनके ठहरने की व्यवस्था आर्य समाज विकासपुरी नई दिल्ली द्वारा की गई।

सम्मेलन में कार्यक्रम स्थल पर प्रातः चाय-नाश्ता तथा दोपहर के भोजन की आर्यसमाज विकासपुरी द्वारा निःशुल्क व्यवस्था की गई थी।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय संयोजक श्री अर्जुनदेव चढ्डा, श्री वेदप्रकाश, श्रीमती विभा आर्या, श्रीमती वीणा आर्या, श्री एस.पी. सिंह, तथा श्री सतीश चढ्डा, हर्ष प्रिय आर्य एवं कोटा से पधारे रामचरण आर्य द्वारा किया गया।

इस अवसर पर आर्यसमाज विकासपुरी के प्रधान वेद प्रकाश ने कहा कि हमें इस बात की प्रसन्नता है कि यह कार्यक्रम आर्यसमाज विकासपुरी में सम्पन्न हुआ। दिल्ली सभा ने हमें इस दायित्व के निर्वहन योग्य समझा। आल का सारा दिन उत्सव जैसे माहौल में निकला। इसके लिए सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा व दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा को धन्यवाद।

कार्यक्रम को सफल बनाने में आर्यसमाज बाहरी रिंग रोड़ विकासपुरी के उपमंत्री श्री विजय कुमार, महिला प्रधान श्रीमती ऊषा कुकरेजा, महिला समाज संरक्षिका श्रीमती चंचल मग्गो , प्रचार मंत्री श्री सूर्यकांत मिश्रा, उपप्रधान श्री श्रीमोहन भटनागर का पूरा सहयोग रहा।

विकासपुरी आर्यसमाज के प्रचार मंत्री सूर्यकांत मिश्र ने आगन्तुक अतिथियों, विद्वानों, युवक-युवतियों एवं उनके अभिभावकों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में शांतिपाठ के साथ कार्यक्रम पूर्ण हुआ।

-अर्जुन देव चढ्डा, राष्ट्रीय संयोजक

 

Kshetriya Gosthi

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