144th Arya Samaj Sthapana Diwas

144th Arya Samaj Sthapana Diwas organize by Arya kendriya Sabha Delhi Rajya

आर्य केन्द्रीय सभा दिल्ली राज्य के तत्त्वावधान में 17 मार्च 2018 को  के मावलंकर हॉल, रफी मार्ग, दिल्ली में आर्यसमाज का 144वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ वेदाचार्य डॉ. देवेश शास्त्री के ब्रह्मत्व में विश्व कल्याण यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें श्रीमती मीनाक्षी-श्री विकास शर्मा, श्रीमती नीरज-श्री ओमपाल सिंह, श्रीमती सुनीता-श्री ऋषि देव वर्मा, श्रीमती शशि-श्री जितेन्द्र खरबंदा ने बड़ी श्रद्धा व भक्ति भाव द्वारा वेदमन्त्रों से सृष्टि  संवत् 1 अरब 96 करोड़ 08 लाख 53 हजार 119, नव संवत्सर वर्ष और आर्य समाज स्थापना दिवस के पावन अवसर पर वेद मंत्रों द्वारा प्रभु का गुणगान करते हुए उपस्थित आर्य बन्धुओं का आशीर्वाद और शुभकामनायें प्राप्त कीं। 

तदोपरांत आर्य जगत के सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक आचार्य देव आर्य, संगीताचार्य ने मधुर व प्रेरणापद भक्ति युक्त महर्षि दयानन्द जी व देश भक्ति पूर्ण भजनों से समाबांध दिया। 

सर्वश्री अशोक गुप्ता, प्रधान,पूर्वी दि. वे. प्र. मण्डल व समाज सेवी, साध्वी उत्त्मा यति,  स्वामी सोमानन्द जी, विनय आर्य, महामंत्री दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा, सुरेन्द्र कुमार रैली, वरिष्ठ उपप्रधान, विक्रम नरूला, कीर्ति शर्मा, अजय सहगल, उपप्रधान, श्रीमती उषा किरण, उपप्रधाना, सतीश चड्ढा, महामंत्री आर्य केन्द्रीय सभा  ने, अखिल भारतीय सेवाश्रम संघ के ब्रह्मचारियों व ब्रह्मचारिणियों के मंत्र गायन के साथ दीप प्रज्ज्वलन किया। ब्रह्मचारियों व ब्रह्मचारिणियों ने, श्री विजय भूषण के नेतृत्व मे, नव वर्ष के आगमन पर समुह गान द्वारा सभी का स्वागत किया व शुभकामनाएं दी।

समारोह में विशिष्ठ अतिथि के रूप में पधारी साध्वी उत्त्मायति ने अपने आशीर्वाद में दैनिक यज्ञ का महत्त्व बताया तथा प्रत्येक मानव को दैनिक यज्ञ करने का कर्त्तव्य बताया।

मुख्य अतिथि श्री आदर्श कुमार अरोड़ा जी, समाज सेवी व जनरल मैनेजर बैंक ऑफ इण्डिया ने कहा कि ‘सामाजिक कुरीतियां उन्मूलन में आर्य समाज का सराहनीय प्रयास रहा, महिला सशक्तिकरण व बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान में आर्य समाज अपने जन्मकाल से समर्पित है।’   

आर्य परिवार से सम्बन्धित श्री दीपक केडिया, वरिष्ट आई.पी.एस. गृह मंत्रालय, ने कहा कि आर्यसमाज ने न केवल वैदिक सस्कारों का प्रचार प्रचार किया है बल्कि अन्य प्रकलपों द्वारा विद्या दान व परोपकारी कार्यो के लिए प्रयासरत रहा है। 

डॉ. कमल नारायण, पर्यावरणविद् ने यज्ञ के वैज्ञानिक महत्त्व पर बहुत ही महत्त्वपूर्ण जानकारियां साझी की तथा कहा ‘यज्ञों से सुख-समृधि होती है, औषधीय प्रयोग व वैज्ञानिक तरीके से और गौघृत की आहुति देकर यज्ञ करने से वर्षा का योग बनता है।’ सभा की ओर से सर्वश्री शिव कुमार मदान, ओम प्रकाश आर्य, विद्यामित्र ठुकराल, कीर्ति शर्मा एवं साध्वी उत्तमायति जी ने डॉ. कमल नारायण जी का स्वागत-सम्मान किया।

दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री श्री विनय आर्य ने कहा ‘आर्य समाज स्थापना दिवस पर जनजागृति अभियान चलाकर अंधविश्वास व पाखण्ड को समूल नष्ट करने की जरूरत है। मानव जीवन सब प्राणियों में उच्च स्थान पर है तथा उसका लक्ष्य धार्मिक सामाजिक होते हुए परोपकार व निष्काम कर्म करने का होना चाहिए। पाखण्ड व अन्धविश्वास का विरोध करते हुए भारत सरकार से अनुरोध किया जाता है कि पाखण्ड व अन्धविश्वास को पोषित करने वालों के विरुद्ध कड़े दण्डात्मक कानून का प्रावधान करे। अन्धविश्वास के विरोध में हस्ताक्षर अभियान का आरम्भ करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित हुआ। इस अवसर पर दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा प्रकाशित ‘अन्धविश्वास पत्रक’ व श्रीमती कंचन आर्य द्वारा लिखित ‘मदरर्स गिफ्ट टू यंग’ पुस्तक का विमोचन किया गया। 

कार्यक्रम के अध्यक्ष, सभा के वरिष्ठ उपप्रधान श्री सुरेन्द्र कुमार रैली ने सुदूर व अशिक्षित क्षेत्रों में युवाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को अग्रणी रहने का आह्वान किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में घर-घर यज्ञ हर घर यज्ञ योजना से पर्यावरण शुद्ध और अंधविश्वास निवारण पर बल दिया। 

इस अवसर पर मेवाड़ से आये जादूगर राजतिलक ने अपने हाथों से कुछ करतबोंका मोहक प्रदर्शन करते हुए ढोंग व आडम्बरों के विरुद्ध जादू के खेल दिखाए। आर्यवीरदल, कीर्तिनगर के आर्यवीरों ने यज्ञ की रक्षा हेतु नाटिका का मंचन कर समझाया कि वर्तमान में जितनी यज्ञ की रक्षा आवशक है उतनी ही प्राचीन काल में भी आवश्यक थी तभी तो मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने जगलों में जाकर यज्ञ की रक्षा की।  आर्य केन्द्रीय सभा दिल्ली राज्य के महामंत्री श्री सतीश चड्ढा ने भारतीय नववर्ष विक्रमी संवत् 2075 की शुभकामनाएं देते हुए सबको आर्य समाज के कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी, साथ ही काला जादू, टोटका, चमत्कारी यंत्र आदि जिनसे जन साधारण को मूर्ख बनाकर आर्थिक रूप से लूटा जाता है व मानसिक व शारीरिक कष्ट दिये जाते हैं । जनमानस का शोषण व धोखाधड़ी न हो सके । सभी आर्यजनों ने संकल्प लिया कि भ्रमित प्रचार के खिलाफ ऐसे विज्ञापनों पर रोक हेतु जनहित याचिकायं डाली जायें, प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ।

इस अवसर पर श्री धीरज घई सुपुत्र श्री वीरेन्द्र कुमार घई आर्य कार्यकर्त्ता स्मृति पुरस्कार से श्रीमती ज्योति व श्री यशपाल आर्य को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने बच्चों, कु. नन्दनी व अभिनन्दन को वैदिक प्रचार-प्रसार की राह पर महर्षि दयानन्द के वीर सैनिक बना दिया है जो अक्सर सभाओं के मंच पर कुछ नया करते हुए दिखाई देते रहते हैं। ‘एक रूपीय यज्ञ’ की समाहुतिक प्रस्तुति हेतु अखिल भारतीय दयानन्द सेवाश्रम संघ, आर्यसमाज पश्चिमी पंजाबी बाग तथा आर्यसमाज प्रीतविहार के अधिकारियों को सम्मनित किया गया। श्री गिरधारी लाल रैली मेधावी छात्र पुरस्कार - रूबेन जाँनसन को व माता अमृत देवी प्रदान किया गया। रैली मेधावी छात्रा पुरस्कार - कु. शिवानी शर्मा को प्रदान किया गया। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती वीणा आर्य, श्री योगेश आर्य, श्री राजेन्द्र पाल आर्य, श्री एस.पी.सिंह, श्री सुरिन्द्र चौधरी,श्री नीरज आर्य, श्री सुभाष कोहली, डॉ. मुकेश आर्य, श्री बिट्टू आर्य, श्री राजू आर्य, श्री जय प्रकाश शास्त्री, श्री विपिन भल्ला, एस.एम आर्य पब्लिक स्कूल पश्चिमी पंजाबी बाग की आध्यापिकाओं व सहयोगियों का तथा दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के समस्त अधिकारियों एवं सहयोगी कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा जिसके लिए मैं सभा की ओर से हार्दिक धन्यवाद व साधुवाद करता हूं। कार्यक्रम में विभिन्न आर्य समाजों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया व हमें प्रोत्साहित किया, उनका धन्यवाद। शान्ति पाठ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

-सतीश चड्ढा, महामंत्री

 

 

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