135th Rishi Nirvanotsav

The 135th anniversary was organised by Arya Kendriya Sabha Delhi Rajya

7 नवम्बर 2018 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आर्य केन्द्रीय सभा दिल्ली राज्य के तत्वावधान में आयोजित महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के 135 वें निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह प्रातः 8ः30 बजे यज्ञ से आरम्भ हुआ जिसकी ब्रह्मा आचार्य कल्पना आर्य जी के नेतृत्व में, आर्य कन्या गुरुकुल राजेन्द्र नगर की बालिकाओं ने वेद पाठ किया, श्रीमती अन्जू व श्री प्रदीप गुप्ता जी, श्रीमती अन्जू व श्री वीरेन्द्र आर्य जी, श्रीमती विभा व श्री हर्ष प्रिय आर्य जी, श्रीमती शशी व श्री देवेन्द्र आर्य जी, श्रीमती सुनीता व श्री बलदेव सचदेवा जी, श्रीमती ममता व श्री अशोक महतानी जी, श्रीमती अनुराधा व श्री अश्वनी आर्य जी, श्रीमती जमुना देवी व श्री सुखबीर सिंह जी यजमान बने। उपरोक्त यजमान वे आर्यजन हैं जिन्हांने अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन-2018 में अपने-अपने विभागों का कार्य दिनरात एककर बखूबी निभाया जिससे महासम्मेलन सफलता की ऊंचाईयों को छू सका और ये भी तभी सम्भव हो सका जबकि उनकी धर्मपत्नियों ने समर्पण भाव से उनका साथ निभाया। इन सबके सम्मान हेतु ही इनसे निवेदन कर यजमान बनाया गया। तदुपरान्त श्री सुरेन्द्र गुप्ता, श्री सुरिन्द्र चौधरी व श्री अरुण वर्मा अपनी धर्मपत्नियों सहित सम्मिलित रूप से ध्वजारोहण किया। इन महानुभावों व इनके परिवारों ने भी बड़ी लगन, परिश्रम व समर्पण भाव से अन्तर्राष्ट्रीय महासम्मेलन को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। आर्य कन्या गुरुकुल राजेन्द्र नगर की बालिकाओं ने श्रीमती प्रगति आर्य और आर्य समाज पंखा रोड सी-3 जनकपुरी के बालकों ने श्रीमती प्रतिभा कटारिया के नेतृत्व में ईश्वर भक्ति के भजन सुनाए व मंत्र गायन किया। बर्मा से आये आर्यजनों में से श्रीमती दीपा दास व उनकी सहयोगियों ने भजन प्रस्तुत किये।

एक तरफ मंच संचालन श्रीमती उषा किरण कथूरिया जी कर रही थीं कि 32 देशों से आये आर्यबन्धुओं में से 28 देशों से नारियों ने भी इस महासम्मेलन में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, वहीं दूसरी ओर महर्षि देव दयानन्द के नारी सशक्तिकरण को धरातल रूप देते हुए आचार्य आयुषी आर्य ने बहुत ही ओजस्वी उद्बोधन दिया। यह सारा कार्यÿम महर्षि देव दयानन्द के आह्वान कि ‘‘नारी सशक्त तो समाज सशक्त है’’ को प्रमाणित करते हुए कहा ‘‘जिनके माथे पर न बिंदिया थी न पैरों में पायल उनकी मांगों को सजाया महर्षि दयानन्द ने’’। सूरीनाम से पधारे श्री गंगा इन्द्र विशन सिंह जी ने कहा ‘‘आज वह दीप जलाएं जिससे जगत का अंधेरा मिट जाए।’’ मंच की शोभा चेकोस्लोवाकिया से आये संन्यासी कमला नन्द जी बढ़ा रहे थे।

अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन के विभिन्न बिन्दुओं पर श्री धर्मपाल आर्य, प्रधान दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा ने प्रकाश डाला। श्री कीर्ति शर्मा, संयोजक विदेशी अतिथि समिति ने आर्य महासम्मेलन में हुए अपने अनुभवों को साझा किया तथा अखिल भारतीय दयानन्द सेवाश्रम संघ में सहयोगी श्रीमती सुषमा चावला, श्रीमती भारती, श्रीमती गीता व श्री ओजस्वी के किये विशेष सहयोग के लिए उन्हें सम्मानित किया।

श्री योगेश मुंजाल चेयरमैन मुंजाल शोवा ने अपने उद्बोधन में महासम्मेलन की सफलता के लिए सभी को बधाई देते हुए समस्त आर्य समाजों के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि ‘‘वे आगे आएं जिससे सम्मेलन में लिए गए निर्णायों और योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।’’ श्री विनय आर्य महामंत्री दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा ने विभिन्न आर्य समाजों, आर्य संस्थाओं तथा दिन-रात एक करने वाले सभी आर्यजनों का धन्यवाद दिया, उनके किये कार्यों को सराहा तथा बहुत ही विस्तार से महासम्मेलन की उपलब्धियों का विवेचन करते हुए बताया कि

1. प्रतिभा विकास योजना - प्रशासनिक सेवाओं में येगदान के लिए 12 नौजवानों को जिसमें 6 युवक एवं 6 युवतियों का चयन किया गया है उनकी शिक्षा व आने-जाने, रहने-खाने की व्यवस्था श्री योगेश मुंजाल जी व श्री सत्यानन्द जी के सहयोग से की जाएगी।

2. श्री ठुकराल जी के सहयोग से महाशय धर्मपाल मीडिया सेन्टर की स्थापना हो चुकी है।

3. वैदिक धर्म प्रचारक प्रकल्प का कार्य शुरू हो गया है जिसके लिए 25 देशों में जाने के लिए महाशय धर्मपाल वैदिक धर्म प्रचार मण्डल की स्थापना की जा चुकी है।

4. शिक्षा क्रांति अभियान के लिए भी कार्य आरम्भ हो चुका है जिसके लिए विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों में जहां स्कूल विद्यालयों का अभाव है वहां नये शिक्षा केन्द्रों की स्थापना महाशय जी द्वारा की जाएगी।

श्री विनय आर्य जी ने कहा कि वास्तव में महासम्मेलन में कार्यकरने वाले किसी भी कार्यकर्ता ने सम्मेलन को देखा ही नहीं क्योंकि वे सब अपनी-अपनी जिम्मेदारियों और दायित्वों को निभाने में पूर्णरूप से समर्पित थे इस हेतु दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में समारोह आयोजित करके सभी आर्य पदाधिकारियो/कार्यकर्ताओ को सम्मेलन की क्लिपिंग दिखाई जाएगी व उन्हें सम्मानित करने की योजना सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा व दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा करने का निर्णय लिया गया है।

कार्यक्रम के अन्त में सतीश चड्ढा, महामंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय महासम्मेलन की सफलता पर सभी को सांझी बधाईयां दी क्योंकि इस महासम्मेलन पर सभी ने कहीं थोड़ा कहीं ज्यादा अपनी तरफ से पूरा सहयोग दिया, अतः सांझे सहयोग की सांझी बधाईयां बाटीं । भामाशाह दानवीर महाशय धर्मपाल जी के वरदहस्त के नीचे, दो आर्य रत्नों, श्री धर्मपाल आर्य और श्री विनय आर्य को पगड़ी व शाल ओढ़ाकर ‘आर्य रत्न’ से सम्मानित किया जिसका पूरे पंडाल में उपस्थित आर्यजनों ने जोरदार तालियों के साथ समर्थन किया।

 

125th Maharshi Dayanand Saraswati Nirvan Utsav