Vishal Rishi Mela

Vishal Rishi Mela was organized by Arya Kendriya Sabha Delhi State.

आर्य केंद्रीय सभा दिल्ली द्वारा आयोजित ऋषि बोधोत्सव पर ऋषि मेले का भव्य आयोजन रामलीला मैदान के विशाल प्रागंण में हर्षाल्लास के वातावरण में सुसंपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रातःकाल आचार्य विद्या प्रसाद मिश्रा जी के ब्रह्मत्व में वृहद यज्ञ में श्रीमती रोजी जी, श्री रवि आहुजा जी, श्रीमती डॉ. कीर्ति जी, डॉ.आशीष लांबा जी, श्रीमती शारदा जी व श्री सुभाष त्यागी जी और श्रीमती वाणी जी तथा श्री विवेक अग्रवाल जी ने परिवार सहित यजमान बनकर यज्ञ की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर आर्य कन्या गुरुकुल सैनिक विहार की छात्राओं ने वेद मंत्रों का पाठ किया। इसके उपरांत श्रीमती एवं श्री कृष्ण तनेजा जी ने  ध्वजारोहण किया और ओम् का झंडा ऊंचा रहे के जयघोषों से सारा वातावरण गुंजायमान हो उठा। मंच से श्री गुलशन जी के सारगर्भित मधुरभजनों से ऋषि दयानंद की महिमा और देश भक्ति का संदेश पाकर हजारां लोग झूम उठे। आर्य विद्यालयों के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक नाटकों की प्रस्तुति से महर्षि दयानंद को किस तरह शिवरात्रि पर बोध हुआ का चित्रण कर सबके भीतर ऋषि भक्ति का भाव जागृत किया। आर्य शीशुशाला, आर्य वीर मॉडल स्कूल बादली एवं महाशय धर्मपाल विद्या मंदिर के बच्चे इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे। श्री विजयकुमार जी ने राष्ट्र भक्ति की कविता का पाठ किया।

विशाल ऋषि मेले में आयोजित सार्वजनिक सभा की अध्यक्षता आर्य केन्द्रीय सभा के प्रधान महाशय धर्मपाल जी ने की। इस अवसर पर अनेक महान प्रवक्ताओं ने अपने उद्बोधनों में शिवरात्रि से महर्षि दयानंद, आर्य समाज के गहरे संबंध को उजागर करते हुए समस्त आर्यजनों को नवजागृति का संदेश दिया। साध्वी उत्तमा यति जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि महर्षि दयानंद जी के उपकारों को याद कीजिए। आर्य समाज के सिहंतों को जन-जन तक पहुंचाइए। इसके लिए नारी जाति को पहले जागना होगा। नारी के जागने से ही आर्य समाज का उत्थान होगा।  डॉ.योगानंद शास्त्री जी ने कहा -महर्षि की प्रेरणा से भारत की आजादी में सबसे ज्यादा आर्य समाज के लोग सम्मिलित थे। आर्य समाज सदैव राष्ट्र भक्ति में अग्रणी रहा है। स्वामी धर्मेश्वरानंद जी ने महर्षि के बनाए नियम को आधार बनाकर कहा सारे संसार का उपकार करना आर्य समाज का विशेष कर्त्तव्य है। आर्य समाज के द्वारा ही संसार का कल्याण होगा। शिवरात्रि का पर्व अद्भुत प्रेरणा का पर्व है। आर्य समाज को ऋषि बोध दिवस से प्रेरणा लेकर अपनी शक्तियों को जगाना चाहिए। डॉ. स्वामी देवव्रत जी ने कहा आर्य समाज ज्ञान से, बुद्धि से, उत्साह से अपने भीतर सोई अग्नि को जगाएं, ऊंचे उठे, आगे बढ़ें।

इस पर्व के मुख्य वक्ता डॉ. वेद प्रताप वैदिक जी ने कहा-आर्यसमाज जागेगा तो देश गतिशील होगा और आर्य समाज ही देश की अखण्डता को गरिमा प्रदान कर सकता है। इसके लिए भारत को आर्यावर्त बनाने का संकल्प करें। आर्य समाजी होना अपने आपमें गर्व की बात है। अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए शाकाहार, शराब बंदी, हिंदी भाषा का प्रचार आदि आंदोलन आर्य समाज को चलाने चाहिए। स्वामी संपूर्णानंद जी ने कहा आजादी का बिगुल बजाने वाले देश और दुनिया को सन्मार्ग दिखाने वाले ऋषि की प्रेरणा से ही भारत विश्व गुरु बनेगा।

आर्य केंद्रीय सभा के प्रधान महाशय धर्मपाल जी ने ऋषि बोध दिवस की सबको बधाई देते हुए अपने संदेश में कहा कि आर्य समाज का मूल मंत्र मानव सेवा है और हम सेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और आगे बढ़ते रहेंगे।

इस अवसर पर श्रीमती प्रभा आर्या जी, श्री ओमवीर आर्य जी, श्रीमती सुकृति जी, श्रीमती पुष्पलता जी, श्री जियालाल जी,  आदि को विभिन्न सेवा सम्मानों से सम्मानित किया गया। विशेष रूप से श्री देवेंद्र आर्य जी रानी बाग के सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके समस्त परिवार को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। श्री नितिञजय चौधरी को आर्य अनाथालय पटौदी हाऊस के सफल संचालन हेतु सम्मानित किया गया। दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री श्री विनय आर्य जी ने उपस्थित आर्यजनां को ऋषि बोधदिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह पुलवामा से लेकर सारे आतंकवाद के समाचार जो हम सुन रहे हैं और जो देख रहे हैं, यह लड़ाई केवल आतंकवाद की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक लड़ाई है। यह जंग वही जीतेगा जो जागृत होगा। विचारों से, मन से और बुद्धि से जागने पर ही हमारी कौम जीवित रह पाएगी। इसलिए स्वयं जागो और सबको जगाओ।

आर्य केंद्रीय सभा के महामंत्री सतीश चड्डा जी ने मंच का सुंदर संचालन किया और बीच-बीच में आर्यजनों को बोध दिवस पर बधाई दी तथा सेवा के संकल्प धारण करने के लिए प्रेरित किया। सभी दान दाताओं ने श्रद्धा भाव से यथाशक्ति सात्विक दान दिया हम प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि उनके सात्विक धन में वृहि् हो और वह हमें शुभ कार्यों हेतु प्रोत्साहित करते रहें। जिन महानुभावों की सेवाओं से यह कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ उनमें विशेषकर श्री हरिओम बंसल, श्री एस. पी. सिंह, श्री नीरज आर्य, श्री जय प्रकाश शास्त्री, श्री अशोक कुमार, श्रीमती वीना आर्या, श्रीमती नीरज मैदीरत्ता, श्री मदनलाल, श्री संजय, आर्य वीर दल के श्री रोहतास, श्री धर्मवीर व पंजाबी बाग के आर्यवीरों का हार्दिक धन्यवाद करते हैं। श्री नरेन्द्र गांधी जी की ओर से पेयजल व्यवस्था की गई, उनका भी धन्यवाद।  विभिन्न आर्यसमाजों के अधिकारी व सदस्यों ने आकर धर्म लाभ प्राप्त किया तथा हमें प्रोत्साहित भी किया, उनका हार्दिक धन्यवाद।

 

195th Mahrshi Dayanand Birth Anniversary