Rishi Bodhotsav

Rishi Bodhotsav celebrated by Arya Samaj mahroni

21 Feb 2020
Uttar Pradesh, India
Arya Samaj Mahroni

महरौनी (ललितपुर). महर्षि दयानन्द सरस्वती योग संस्थान आर्य समाज महरौनी के तत्वधान में  टीकमगढ़  रोड स्थित दयानन्द नगर में युग प्रवर्तक, विद्रोही सन्यासी, दलितोद्धारक, राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रसारक, अछूतोद्धारक, वेदोद्धारक, सत्य सनातन वैदिक धर्म के रक्षक, देश की स्वतंत्रता एवं स्वदेशी के मंत्रदाता,गुरुकुलीय शिक्षा के समर्थक, नारी शिक्षा के प्रथम प्रणेता, आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द सरस्वती का महाशिवरात्रि पर्व पर बोध पर्व हर्सोल्लास पूर्वक मनाया गया। इसमें सर्व प्रथम ब्रह्मयज्ञ,देवयज्ञ के  मुख्य यजमान सुमन लता सेन शिक्षिका -आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य,सीता दूधलाल यादव शिक्षक,रुक्मणि- फूल सिंह लोधी शिक्षक,विवेकानन्द प्रजापति सपत्नी रहें। आर्य समाज के प्रधान मुनि पण्डित पुरुषोत्तम नारायण दुबे वानप्रस्थ ने कहा कि महाशिवरात्रि पर्व पर ही महर्षि दयानन्द सरस्वती को सच्चे शिव का बोध प्राप्त हुआ था।  शिव रात्रि  पर वेदों का संदेश देकर स्वयं जागे और समूची सोई हुई मानव जाति को जगाने का कार्य किया।

ठाकुर रूपसिंह शिक्षाविद ने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती ने जी सदैव कहते थे  कि पूरे विश्व को एक सूत्र में केवल हिंदी मातृभाषा के द्वारा ही बांधा जा सकता हैं।

संचालन करते हुए आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य ने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती को  शिवरात्रि  के दिन ऐसे जागे कि पांच हजार वर्षों से अंधविश्वास, छुआछूत,पाखंड के मकड़जाल में फंसी हुई सनातन धर्म संस्कृति को पुनः वेदों की ओर लौटो का नारा देकर विश्व पटल पर सूर्य के समान देदीप्तमान किया।

दूधलाल यादव शिक्षक व जयदेवी शुक्ला ने  भजन के माध्यम से ईश्वर के  सच्चे स्वरूप व  समाज व राष्ट्र की उन्नति में महर्षि के द्वारा किये गए उपकारों को बताया।

इस अवसर पर पंजाब नैशनल बैंक प्रबंधक मुकेश सिंह, हर प्रसाद प्रजापति एडवोकेट,रमेश सिंह परिहार,छामाधर प्रसाद अहिरवार शिक्षक,रामसेवक निरजंन शिक्षक,राजेन्द्र प्रजापति शिक्षक,हरिओम निरजंन,कृष्णकान्त नायक,कौशल्या नायक,जगदीश निरजंन,धनीराम निरजंन सिमिरिया,लल्लू पुजारी,रामप्रताप सिंह,सुम्मेर सिंह,अभय सिंह,छोटू सेंगर,बृजकिशोर तिवारी एडवोकेट,लोकपाल सिंह बुंदेला एडवोकेट,विश्वदीप सिंह बुंदेला,शिवांश राजा बुंदेला,संस्कार यादव,कर्ण प्रताप सिंह, सन्ध्या शुक्ला,अनु शुक्ला,रागनी दुबे,श्रीदेवी नायक,बलवंत सिंह आचार्य,बृजेश सेन शिक्षक,देवेंद्र सिंह,नरेंद्र सिंह राजावत,रितिक-राज प्रजापति,राज प्रताप सिंह,ललित तिवारी,कपिल पस्तोर,अदिति आर्या,अभय पस्तोर,रवि प्रकाश दुबे आदि उपस्थित रहे। संचालन आर्य रत्न शिक्षक लखन लाल आर्य व आभार विवेकानन्द प्रजापति शिक्षक ने जताया।

 

125th Maharshi Dayanand Saraswati Nirvan Utsav