हागिया सोफिया से जामा मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ तक


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Rajeev ChoudharyDate
18-Jul-2020Category
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इतिहास के पनà¥à¤¨à¥‹à¤‚ को कूड़े से ढेर से ढक दे या सोने चांदी के आà¤à¥‚षणों से लेकिन समय के साथ à¤à¤• वो खà¥à¤¦ ही सच कह उठता है कि मैं दबा नहीं, दबाया गया हूà¤à¥¤ हाल ही में तà¥à¤°à¥à¤•à¥€ के à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ मà¥à¤¯à¥à¤œà¤¿à¤à¤® जिसका नाम हागिया सोफिया है उसे लेकर विशà¥à¤µ à¤à¤° में चरà¥à¤šà¤¾ बनी हà¥à¤ˆ है बताया जा रहा है आने वाली 24 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को उसमें सामूहिक रूप से नमाज अदा की जाà¤à¤—ी। लेकिन इस नमाज पर विवाद हो गया है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वेटिकन के पॉप फà¥à¤°à¤¾à¤‚सिस ने कहा है कि तà¥à¤°à¥à¤•à¥€ की राजधानी इसà¥à¤¤à¤¾à¤‚बà¥à¤² के हागिया सोफिया मà¥à¤¯à¥à¤œà¤¿à¤à¤® में नमाज पढना गलत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह à¤à¤• चरà¥à¤š है जिसे वापस मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ में बदलने के तà¥à¤°à¥à¤•à¥€ सरकार के फैसले से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दà¥à¤– पहà¥à¤à¤šà¤¾ है।
असल में मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठहागिया सोफिया मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ है और ईसाइयों के लिठचरà¥à¤šà¥¤ आखिर किसà¥à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि चरà¥à¤š मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ नहीं हो सकता है और मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ चरà¥à¤š नहीं हो सकती लेकिन बात इसà¥à¤²à¤¾à¤® की आये तो कà¥à¤› à¤à¥€ हो सकता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि राम मंदिर बाबरी वाला विवाद तà¥à¤°à¥à¤• लà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤‚ ने सà¤à¥€ जगह खड़ा किया हà¥à¤† है अपना जà¥à¤žà¤¾à¤¨ था नहीं, यूरोप के चरà¥à¤š तोड़कर मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बना दी और à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मंदिर तोड़कर उनके ऊपर मीनारे खड़ी कर दी।
पिछले 1500 सालों से सिरà¥à¤« इनकी यही कलाकारी रही है। अधिकांश जगह दूसरों के उपासना सà¥à¤¥à¤² तोड़कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपना बनाना, चाहें इसमें राम जी का मंदिर हो या हागिया सोफिया चरà¥à¤š जिसका लगà¤à¤— 1,500 साल पहले à¤à¤• ईसाई चरà¥à¤š के रूप में निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हà¥à¤† था। समà¥à¤°à¤¾à¤Ÿ जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¤¿à¤¯à¤¨ ने सन 532 में à¤à¤• à¤à¤µà¥à¤¯ चरà¥à¤š के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ का आदेश दिया था। उन दिनों इसà¥à¤¤à¤¾à¤‚बà¥à¤² को कॉनà¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‹à¤ªà¥‹à¤² या कसà¥à¤¤à¥à¤¨à¤¤à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के नाम से जाना जाता था। लेकिन सन 1453 में इसà¥à¤²à¤¾à¤® को मानने वाले ऑटोमन सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ ने विजय के बाद इसे à¤à¤• मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ में बदल दिया था।
हालाà¤à¤•à¤¿ 1453 से 1934 तक हागिया सोफिया को मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के रूप में रखा गया लेकिन 1934 में आधà¥à¤¨à¤¿à¤• तà¥à¤°à¥à¤•à¥€ के निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ कहे जाने वाले मà¥à¤¸à¥à¤¤à¤«à¤¾ कमाल पाशा ने देश को धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤· घोषित करने के बाद, इसे मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ से मà¥à¤¯à¥‚जियम में तबà¥à¤¦à¥€à¤² कर दिया था। अब फिर तà¥à¤°à¥à¤•à¥€ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ रेचेप तैयà¥à¤¯à¤ª अरà¥à¤¦à¥‹à¤†à¤¨ ने कहा कि हागिया सोफिया में 24 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को पहली नमाज पà¥à¥€ जाà¤à¤—ी। घोषणा के कà¥à¤› समय बाद ही वहाठसे अजान सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ दी और तà¥à¤°à¥à¤•à¥€ के तमाम मà¥à¤–à¥à¤¯ चैनलों पर इसे पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया गया। हागिया सोफिया का सोशल मीडिया अकाउंट à¤à¥€ बंद कर दिया गया है।
ये तà¥à¤°à¥à¤•à¥€ की हागिया सोफिया चरà¥à¤š की बात है। अब अगर à¤à¤¾à¤°à¤¤ आये तो यहाठतो अनेकों हागिया सोफिया जैसी घटनाये है, लेकिन धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ के लिहाफ में सब कà¥à¤› दबा दबा सा नजर आता है, हालाà¤à¤•à¤¿ साल 2018 में शिया वकà¥à¤« बोरà¥à¤¡ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· वसीम रिजवी ने इस लिहाफ को उतार फेंका था और à¤à¤• चिठà¥à¤ ी लिखी थी। ये चिठà¥à¤ ी रिजवी ने देश के मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठलिखी थी। रिजवी ने 27 फरवरी 2018 के अपने पतà¥à¤° में नौ मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ का जिकà¥à¤° किया था जो मंदिर तोड़कर बनाई गयी है। इनमें सबसे ऊपर सन 1528 में बाबर के सेनापति मीर बाकी ने राम मंदिर तोड़ कर वहां मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बनवाई। दूसरा केशव देव मंदिर, मथà¥à¤°à¤¾ का है जिसे औरंगजेब ने 1670 में धà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ किया, तीसरा जौनपà¥à¤° की अटाला मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ है जिसे फिरोज शाह तà¥à¤—लक ने 1377 में अटाला देव मंदिर को धà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ कर के बनाया, चौथा काशी विशà¥à¤µà¤¨à¤¾à¤¥ मंदिर, बनारस है। जिसे तोड़कर मà¥à¤—ल बादशाह औरंगजेब ने 1699 में जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤µà¤¾à¤ªà¥€ मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बनवाई, गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के रूदà¥à¤° महालय मंदिर को 1410 में अलाउदà¥à¤¦à¥€à¤¨ खिलजी ने तोड़ कर जामा मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बनवाई, अहमदाबाद की à¤à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤•à¤¾à¤²à¥€ मंदिर को 1552 में अहमद शाह ने तà¥à¥œà¤µà¤¾ कर जामा मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बनवाई, पशà¥à¤šà¤¿à¤® बंगाल की अदीना मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ का उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया है। जिसे सिकंदर शाह ने 1373 में बनवाया। रिजवी के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की विजय मंदिर को तोड़कर औरंगजेब ने 1669 में बीजामंडल मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ में बदल दिया। आखिर में दिलà¥à¤²à¥€ की कà¥à¤¤à¥à¤¬ मीनार सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ कà¥à¤µà¥à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤² इसà¥à¤²à¤¾à¤® मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ हैं जिसे 1206-1210 में कà¥à¤¤à¥à¤¬à¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ à¤à¤¬à¤• ने मंदिर तोड़ कर बनवाया था।
ये इतिहास à¤à¤¸à¤¾ है जिसे सब जानते है लेकिन अंधी धरà¥à¤®à¤¨à¤¿à¤°à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ और संविधान की आड़ में सब कà¥à¤› दबा दिया गया। हालाà¤à¤•à¤¿ बाबा साहेब डॉ. à¤à¥€à¤®à¤°à¤¾à¤µ आंबेडकर ने इसà¥à¤²à¤¾à¤® पर खà¥à¤²à¤•à¤° विचार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किठहैं, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ऑर पारà¥à¤Ÿà¥€à¤¶à¤¨ ऑफ इंडिया लिखा है कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® आकà¥à¤°à¤¾à¤‚ता हिंदà¥à¤“ं के खिलाफ घृणा का राग गाते हà¥à¤ आठथे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने न केवल घृणा ही फैलाई, बलà¥à¤•à¤¿ वापस जाते हà¥à¤ हिंदू मंदिर à¤à¥€ जलाà¤, उनकी नजर में यह à¤à¤• नेक काम था वे लिखते हैं कि अजमेर में चà¥à¤¾à¤ˆ के दौरान मोहमà¥à¤®à¤¦ गोरी ने मंदिरों के सà¥à¤¤à¤‚ठऔर नींव तोड़कर वहां मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‡à¤‚ बना दीं। वहां इसà¥à¤²à¤¾à¤® के कायदे-कानून वाले मदरसे और पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• खड़े कर दिà¤à¥¤ बताया जाता है कि कà¥à¤¤à¥à¤¬à¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ à¤à¤¬à¤• ने 1,000 से अधिक मंदिर तोड़े और उसके बाद उनकी नींव पर ही मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‡à¤‚ खड़ी कर दीं, उसने दिलà¥à¤²à¥€ में जामा मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ बनाई और इसमें वह पतà¥à¤¥à¤° और सोना लगाया जो मंदिर तà¥à¥œà¤µà¤¾à¤•à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया था। फिर उन पर कà¥à¤°à¤¾à¤¨ की आयतें लिपिबदà¥à¤§ करवा दीं। इस à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ कारनामे की चरà¥à¤šà¤¾ और पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ का मिलान बताता है कि दिलà¥à¤²à¥€ की जामा मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में 27 मंदिरों की सामगà¥à¤°à¥€ लगी है।
रिजवी ने अपने पतà¥à¤° में साफ लिखा था की उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इतिहासकारों से अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करके ये सूची बनायी है। उनके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कबà¥à¤œà¤¾ करके, बलपूरà¥à¤µà¤• किसी à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ में नमाज पà¥à¤¨à¥‡ की इजाजत इसà¥à¤²à¤¾à¤® नहीं देता है. फिर à¤à¤¸à¥€ मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ को हिंदà¥à¤“ं को सौप देना चाहिà¤. ये गैर इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¿à¤• है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में औरंगजेब की जीवनी में ही कà¥à¤› घटनाओं का जिकà¥à¤° है, जो इन तथाकथित इतिहासकारों की पोल खोलता है। औरंगजेब पर साकी मà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• खान दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• मसीर-ई-आलमगीरी में à¤à¤• घटना का जिकà¥à¤° है, जिसे आज के जमाने के किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने नहीं लिखा है. ये घटना रविवार 24 मई 1689 की है, उस दिन खान जहाठबहादà¥à¤° जोधपà¥à¤° से मंदिरों को तबाह कर के लौटा, औरंगजेब की जीवनी में लिखा हà¥à¤† है कि खान जहाठबहादà¥à¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मंदिरों को धà¥à¤µà¤¸à¥à¤¤ किठजाने, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लूटने और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤“ं को विखंडित किठजाने पर बादशाह बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हà¥à¤†. बादशाह को बहादà¥à¤° के इन कृतà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पर गरà¥à¤µ महसूस हà¥à¤†à¥¤
मसीर-ई-आलमगीरी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, खान जहाठबहादà¥à¤° जोधपà¥à¤° से कई गाड़ियों में à¤à¤° कर हिनà¥à¤¦à¥‚ देवी-देवताओं की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤à¤ लाया था। ये पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤à¤ उन मंदिरों की थीं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤—लों ने उसके नेतृतà¥à¤µ में लूटा और तबाह किया। इन लूटी गई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤“ं को बादशाह औरंगजेब के सामने पेश किया गया, जिस देख कर वह अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤†à¥¤ इनमें à¤à¤• से बॠकर à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾à¤à¤ थीं, कà¥à¤› सोने-चाà¤à¤¦à¥€ के थे, कà¥à¤› पीतल की थीं तो कà¥à¤› ताà¤à¤¬à¥‡ से गà¥à¥‡ गठथे। इनमें कई à¤à¤¸à¥€ मूरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤à¥€ थीं, जो पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ की थीं और उन पर उतà¥à¤¤à¤® नकà¥à¤•à¤¾à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾à¤ की गई थीं।
ये केवल à¤à¤• या दो घटना नहीं है à¤à¤¸à¥€ घटनाओं से इतिहास à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसà¥à¤²à¤¾à¤® में कोई पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨à¤¤à¤¾ तो है नहीं आनन फानन में खड़ा किया गया संगठन था, जबरदसà¥à¤¤à¥€ जोड़े गये लोगों को पूजा सà¥à¤¥à¤² की जरà¥à¤°à¤¤ महसूस हà¥à¤ˆ तो ईसाइयों के चरà¥à¤š, यहूदियों के सिनेगॉग, हिनà¥à¤¦à¥à¤“ं के मंदिर, पारसियों के अगà¥à¤¨à¤¿ मंदिर जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आतिश बेहराम कहा जाता है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तोडा गया और बौधो के मठतोड़े गये और कमाल देखिये फिर उन लोगों को उनà¥à¤¹à¥€ के पूजा सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ को पकड़ा दिया। यानि खाने पीने के लिठलूट की गयी तो पूजा उपासना के सà¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ तक लà¥à¤Ÿà¤¾ गया और इतिहासकारों ने इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कलाकार और चितà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° बतलाया। किसी ने अकबर को महान और किसी ने औरंगजेब जैसे लà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡ को टोपी सिलने वाला मासूम बादशाह बताया।
शायद फिलà¥à¤® अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€ कोइना मितà¥à¤°à¤¾ ने राम जनà¥à¤® à¤à¥‚मि फैसले के बाद असदà¥à¤¦à¥à¤¦à¥€à¤¨ ओवैसी को सही जवाब दिया था। जब ओवैसी ने कहा था कि “उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाबरी मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ वापस चाहिऔ इस पर कोइना मितà¥à¤°à¤¾ ने ओवैसी पर जवाबी हमला करते हà¥à¤ कहा कि पहले हमारे तोड़े गठचालीस हजार हिंदू मंदिरों को वापस लौटाओ।
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