
Swasti Mahayagya

22 Oct 2018
India
आरà¥à¤¯ समाज फिरोजपà¥à¤°
पà¥à¤°à¤¤à¤¿ वरà¥à¤· की à¤à¤¾à¤‚ति इस वरà¥à¤· à¤à¥€ आरà¥à¤¯ समाज मंदिर, गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विà¤à¤¾à¤— फिरोजपà¥à¤° शहर में तीन दिवसीय सवसà¥à¤¤à¤¿ महायजà¥à¤ž का आयोजन दिनांक 19 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर से 21 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 2018 तक बहà¥à¤¤ ही सफलतापूरà¥à¤µà¤• संपनà¥à¤¨ हà¥à¤† जिसमें यजà¥à¤ž बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾ आचारà¥à¤¯ विषà¥à¤£à¥à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤° जी वेदारà¥à¤¥à¥€ बिजनौर à¤à¤µà¤‚ à¤à¤œà¤¨à¥‹à¤ªà¤¦à¥‡à¤¶à¤• शà¥à¤°à¥€ पंडित राजेश पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ जी जालंधर à¤à¤µà¤‚ पंडित आशी आरà¥à¤¯ जी ने इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में à¤à¤¾à¤— लिया |
21 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर 2018 को मà¥à¤–à¥à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि आरà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ सठपंजाब के महामंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤® à¤à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ जी विशेष रूप से फिरोजपà¥à¤° पधारे और सवसà¥à¤¤à¤¿ महायजà¥à¤ž में आहà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की | इस अवसर पर सà¤à¤¾ महामंतà¥à¤°à¥€ जी ने अपने समà¥à¤¬à¥‹à¤§à¤¨ में कहा की महरà¥à¤·à¤¿à¥ याजà¥à¤žà¤µà¤²à¥à¤•à¥à¤¯ कहते हैं कि सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मनà¥à¤·à¥à¤¯ अरà¥à¤¥à¤²à¤¾à¤ को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है | सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¶à¥€à¤² वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है | सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° के à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• साधनों से संपनà¥à¤¨ होता है | सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ करने वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ छल, कपट, सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ से धन को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं करता अपितॠपà¥à¤°à¥à¤·à¤¾à¤°à¥à¤¥ करते हà¥à¤, वसà¥à¤§à¥ˆà¤µ कà¥à¤Ÿà¥à¤®à¥à¤¬à¤•à¤®à¥ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को धारण करते हà¥à¤ धन को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है | शतपथकार के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अरà¥à¤¥ लाठका अà¤à¤¿à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤¯ केवल à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• धन तक सीमित नहीं है अपितॠसà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ करने वालो का समरà¥à¤¥à¤¨ इतना बॠजाता है कि वह शबà¥à¤¦ की गहराई में जाकर उस अरà¥à¤¥ को निकाल लाता है जिसकी साधारण मनà¥à¤·à¥à¤¯ कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ à¤à¥€ नहीं कर सकता है | निरà¥à¤•à¥à¤¤à¤•à¤¾à¤° महरà¥à¤·à¤¿ यासà¥à¤• ने अरà¥à¤¥ किआ महतà¥à¤µ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ कहा कि वह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤µà¤¨ के à¤à¤¾à¤° को ढोने वाले खमà¥à¤¬à¥‡ के सामान है ,जो वेद को पà¥à¤•à¤° उसके अरà¥à¤¥ को नही जानता है | इसके विपरीत जो अरà¥à¤¥à¤œà¥à¤ž है, वह समसà¥à¤¤ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£à¥‹à¤‚ का उपà¤à¥‹à¤— करता है | वह जà¥à¤žà¤¾à¤¨ से सब पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° की मलिनता को धोकर सà¤à¥€ सà¥à¤–ों को पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है | इस पà¥à¤°à¤•à¤¾à¤° महरà¥à¤·à¤¿ याजà¥à¤žà¤µà¤²à¥à¤•à¥à¤¯ ने सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ के लाà¤à¥‹à¤‚ में अरà¥à¤¥à¤²à¤¾à¤ को महतà¥à¤µ दिया है और सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• उनà¥à¤¨à¤¤à¤¿ का मारà¥à¤— पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤ किया है |
सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ के इसी परम धरà¥à¤® को समà¤à¤•à¤° वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ यà¥à¤—-पà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¥à¤¤à¤• महरà¥à¤·à¤¿ दयाननà¥à¤¦ ने सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ को परम धरà¥à¤® कहा है | उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आरà¥à¤¯ समाज के तीसरे नियम में इसकी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ घोषणा की है कि- वेद सब सतà¥à¤¯à¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤“ं का पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• है | वेद का पà¥à¤¨à¤¾-पà¥à¤¾à¤¨à¤¾ और सà¥à¤¨à¤¨à¤¾-सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤¾ सब आरà¥à¤¯à¥‹ का परम धरà¥à¤® है | वेद का पà¥à¤¨à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ और पà¥à¤¾à¤¨à¤¾ तथा सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨ कहलाता है जिसे महरà¥à¤·à¤¿ याजà¥à¤žà¤µà¤²à¤•à¥à¤¯ के परम शà¥à¤°à¤®, महरà¥à¤·à¤¿ मनॠने परम तप कहा है, उसे ही महरà¥à¤·à¤¿ दयाननà¥à¤¦ ने परम धरà¥à¤® कहा है | अतः सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ परम-शà¥à¤°à¤®, परम-तप, व परम-धरà¥à¤® तीनों ही है | महरà¥à¤·à¤¿ दयाननà¥à¤¦ के परमधरà¥à¤® चतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¯ में से तीन का पà¥à¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤¯ में, पà¥à¤¾à¤¨à¤¾ और सà¥à¤¨à¤¾à¤¨à¤¾ का पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨ ,में समावेश तो हो गया, परनà¥à¤¤à¥ सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ परमधरà¥à¤® फिर à¤à¥€ छà¥à¤Ÿ गया | इस अवसर पर आरà¥à¤¯ समाज मंदिर गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विà¤à¤¾à¤— फिरोजपà¥à¤° के पदाधिकारियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤® à¤à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ जी सà¤à¤¾ महामंतà¥à¤°à¥€ जी को सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ चिनà¥à¤¹ देकर समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया |