
137th Rishi Sammelan celebrated

29 Sep 2020
India
महरà¥à¤·à¤¿ दयाननà¥à¤¦ सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ à¤à¤µà¤¨ नà¥à¤¯à¤¾à¤¸ जोधपà¥à¤°
महरà¥à¤·à¤¿ दयानंद सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ à¤à¤µà¤¨ नà¥à¤¯à¤¾à¤¸ जोधपà¥à¤° के ततà¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤§à¤¾à¤¨ में वेदोदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤• और आरà¥à¤¯ समाज के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• दयानंद सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ को जोधपà¥à¤° में 29 सितंबर 1883 में विष दिये जाने की घटना की सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ में 137वां ऋषि समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ संकलà¥à¤ª दिवस के रूप में मनाया। कोरोना वायरस के पà¥à¤°à¤•à¥‹à¤ª में जारी पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¿à¤• मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¤° में आरà¥à¤¯ विदà¥à¤µà¤µà¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ को इंटरनेट पर ही आमंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ को संबोधित करते हà¥à¤ विशà¥à¤µ के समसà¥à¤¤ आरà¥à¤¯ समाजों की अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ संसà¥à¤¥à¤¾ सारà¥à¤µà¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤• आरà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ सà¤à¤¾ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ सà¥à¤°à¥‡à¤¶ चनà¥à¤¦à¥à¤° आरà¥à¤¯ ने देश दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की विषम और विषैली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कूरीतियों, अनà¥à¤§à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ और अतà¥à¤¯à¤šà¤¾à¤° के यà¥à¤— में महरà¥à¤·à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठवैदिक मारà¥à¤— को ही अमृत बताते हà¥à¤ इस पर चलने की जरूरत बताई। महरà¥à¤·à¤¿ दयानंद सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनाई परोपकारिणी सà¤à¤¾ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ आरà¥à¤¯ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨ डॉ. वेदपाल ने महरà¥à¤·à¤¿ के समय के à¤à¤¾à¤°à¤¤ और जौधपà¥à¤° की परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का परिचय देते हà¥à¤ कहा कि à¤à¤¸à¥€ à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• खरतपतवार को हटाने के लिठमहरà¥à¤·à¤¿ ने खंडन के तीकà¥à¤·à¥à¤£ खंडे का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया। दिलà¥à¤²à¥€ आरà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ सà¤à¤¾ के महामंतà¥à¤°à¥€ विनय आरà¥à¤¯ जी ने अपने संबोधन में कहा कि अपने हित समà¤à¤¨à¥‡ में असमरà¥à¤¥ लोगों ने अमृतदाता महरà¥à¤·à¤¿ को पड़यंतà¥à¤°à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• विष दे दिया, जिसके कलंक से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ महरà¥à¤·à¤¿ की मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं को सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ करके ही मिल सकती है। मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¬à¥‹à¤§à¤¨ में कमल किशोर आरà¥à¤¯ ने महरà¥à¤·à¤¿ जी के सात गà¥à¤£à¥‹à¤‚ का वरà¥à¤£à¤¨ करते हà¥à¤ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में परोपकार की महतà¥à¤¤à¤¾ हेतॠसंकलà¥à¤ªà¤¿à¤¤ होने का आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ किया। विमल शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ जी ने सà¤à¤¾ को संबोधित करते हà¥à¤ दिलà¥à¤²à¥€ सà¥à¤¤à¤° पर चल रहे पà¥à¤°à¤•à¤²à¥à¤ªà¥‹à¤‚ की जानकारी दी।कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® मे शांति देवी, अशोक आरà¥à¤¯, अà¤à¤¿à¤®à¤¨à¥à¤¯à¥ आरà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ विकà¥à¤°à¤® आरà¥à¤¯ ने ऋषि गà¥à¤£à¤—ान के गीत पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किà¤à¥¤ इस दौरान समाजसेवी व नà¥à¤¯à¥‚रोथेरेपिसà¥à¤Ÿ सतà¥à¤¸à¤¿à¤‚ह मेड़तिया और सहयोगी पंकज जांगिड़ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ मजबूत करने के लिठसà¤à¥€ को अमृतधारा की खà¥à¤°à¤¾à¤• पिलाई गई। संसà¥à¤¥à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सतà¥à¤¸à¤¿à¤‚ह मेड़तिया और जांगिड़ को पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤à¤¿ पतà¥à¤° देकर समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया। नà¥à¤¯à¤¾à¤¸ मंतà¥à¤°à¥€ किशनलाल गहलोत ने धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ जà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया।