
Vishav Kalyan Gayatri Mahayajya

16 Apr 2023
India
अध�?यात�?म पथ
महर्षि दयानंद सरस्वती जी की 200वी जयंती के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के वैदिक विद्वान आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री जी के पावन सानिध्य में 16 अप्रैल 2023 को c -2, केशवपुरम दिल्ली में विश्व कल्याण गायत्री महायज्ञ, विराट भजन संध्या एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य शिवनारायण शास्त्री जी ब्रह्मत्व में गायत्री यज्ञ से हुआ। जिसमें देश विदेश अनेक यजमानों ने आहुति देकर पुण्य प्राप्त किया। तत्पश्चात अमेरिका से डॉ अमरजीत शास्त्री के प्रेरक उद्बोधन ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। तत्पश्चात परोपकारिणी सभा अजमेर के प्रधान श्री सत्यानंद आर्य जी ने ध्वजारोहण करके वातावरण को ओममय बनाया। श्रीमती कविता आर्य ने अपने साथियों के सहयोग से मधुर भजन प्रस्तुत कर के सभागार को संगीतमय बना दिया। श्री विनय शुक्ल विनम्र एवं दर्शनाचार्या विमलेश बंसल के राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत काव्यपाठ का सभी ने भरपूर आनंद लिया। योगाचार्य श्री कृष्णकुमार गर्ग जी के योगासनों को देखकर आर्यजन हतप्रभ रह गए। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य के लिए वैदिक विद्वान आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री जी, श्री यशपाल आर्य जी ने 21 महिलाओं को आर्य महिला गौरव सम्मान से सम्मानित कर के उत्साहवर्धन किया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की छात्रा अंकिता चौधरी को विश्व विद्यालय की वार्षिक परीक्षाओं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर मेधावी छात्रा सम्मान से सम्मानित किया गया इस समारोह में स्वामी सुखदेव आर्य तपस्वी, श्रीमती सरोजिनी जौहर (कनाडा), श्री यशपाल आर्य, श्री अशोक सुनेजा, श्री ओम सपरा, श्री अजय चौधरी, श्री अमरनाथ टक्कर, श्री सतीश आर्य, श्री देवेन्द्र श्रीधर, श्री एस एस आर्य, श्री पी के सचदेवा, श्री सतीश भाटिया, श्री अजय भाटिया आदि की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लग गए। श्रीमती मीना आर्या, श्री संजय सेतिया, श्रीमती सुनीता चौधरी, श्रीमती स्वर्णा सेतिया, अर्पित चौधरी, हर्षवर्धन आर्य, गौरव आर्य आदि को कार्यक्रम के प्रबंधन में योगदान करने के लिए आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री जी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस समारोह में अनेक मूर्धन्य साहित्यकार, वैदिक विद्वान, कवि, समाजसेवी बहुत बड़ी संख्या में उपस्थित थे। शांतिपाठ के उपरांत सात्विक एवं स्वादिष्ट प्रीतिभोज की व्यवस्था थी। सुंदर व्यवस्थित कार्यक्रम के लिए देश विदेश के लोगों ने आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री जी की भूरि भूरि प्रशंसा की।