
33rd Varshikotsav

29 May 2023
India
आरष गरकल महाविदयालय आबू परवत
आबूपर्वत के विश्व प्रसिद्ध देलवाड़ा जैन मन्दिर के समीपस्थ यश:शेष त्यागी, तपस्वी संन्यासी पूज्य स्वामी धर्मानन्द जी द्वारा स्थापित आर्ष गुरुकुल महाविद्यालय का त्रिदिवसीय वार्षिक समारोह उत्साह पूर्वक सम्पन्न हुआ। जिसमें गुरुकुल न्यास के अध्यक्ष आचार्य ओम्प्रकाश आर्य ने बताया कि गुरुकुल के 33 वें वार्षिकोत्सव में सम्पूर्ण देश से आर्य जगत् के संन्यासी, वैदिक विद्वान्, लेखक, भजनोपदेशक सम्मिलित हुए। गुरुकुल न्यास के मंत्री एवं गुजरात संस्कृत विश्वविद्यालय अहमदाबाद के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कमलेश कुमार शास्त्री के नेतृत्व में स्वर्गीय रामकिशन चुग्ध एवं चन्द्रकान्ता चुग्ध ऋषिकेश की पुण्य स्मृति में परिवारजनों के सहयोग से वैदिक विद्वान-लेखक, भजनोपदेशक सम्मान समारोह आयोजित हुआ। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के पूर्व उपकुलपति, विशुद्ध मनुस्मृति के सम्पादक डॉ.सुरेन्द्र कुमार को सपत्नीक विद्वत् सम्मान के रुप में साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर, शाल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र व 31 हजार रुपए राशि भेंटकर अभिनंदन किया गया। प्रतिनिधि के रुप में ब्रह्मचारी ने चरण-स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शंखनाद तथा वैदिक मंगलाचरण से स्वागत हुआ। आर्य परिवार शिवगंज द्वारा स्वर्गीय भीष्मदेव वानप्रस्थी एवं धर्मपत्नी ओटीबाई की पुण्य स्मृति में 95 वर्षीय आर्य भजनोपदेशक भूपेन्द्र सिंह तथा आर्य समाज इतिहास के जानकार, अनेक पुस्तकों के लेखक, सम्पादक, प्रकाशक प्रोफेसर राजेंद्र जिज्ञासु अबोहर दोनों महानुभावों को शाल, श्रीफल व 51, 51 हजार की राशि से सम्मानित किया गया। प्रशस्ति पत्र वाचन में उनका जीवन परिचय तथा श्रेष्ठ कार्यों का उल्लेख है। आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के कर्मठ प्रधान, गुरुकुल के न्यासी आर्य किशनलाल गहलोत, यशस्वी मंत्री आचार्य जीववर्धन शास्त्री, स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती ने आर्य जनों को सम्बोधित कर संगठन के कार्यविस्तार में सहयोगी बनने का आह्वान किया। अरविन्द राणा के प्रशिक्षण द्वारा ब्रह्मचारियों ने आंखों पर काली पट्टी बांध कर रंग पहचान, अंक व शब्द पढ़कर, वस्तु पहचान कर सभी दर्शकों को आश्चर्यचकित कर दिया। आर्य वीर दल के व्यायाम शिक्षक यतीन्द्र शास्त्री के नेतृत्व में ब्रह्मचारियों द्वारा मधुर संगीत पर सर्वांग सुन्दर व्यायाम, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, दंड-बैठक, नियुद्धम्, कराटे, रस्से पर आसन, पोल मल्लखंभ, योगासन, पिरामिड, लाठी, भाला, तलवार संचालन किया गया। शक्ति प्रदर्शन के रुप में तेजस्वी सिंह ने सीने पर से मोटरसाइकिल निकालकर दर्शकों को अचंभित कर दिया। गुरुकुल परिसर में एडयूटेस्ट सोल्युशन प्रा.लि. अहमदाबाद के सुरेशचन्द्र जी आर्य ( प्रधान, सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि दिल्ली ) की पुत्रवधू व सुपुत्र श्रीमती जया विनीत जी आर्य के आर्थिक सहयोग से कम्प्यूटर लेब का उद्घाटन एवं प्रेम सिंह सांखला जोधपुर निवासी के सुपुत्र लक्ष्मण सांखला (गुरुकुल के पूर्व छात्र) लंदन में इंजीनियर के आर्थिक सहयोग से पुनर्निमित महर्षि दयानन्द गुफा तथा डॉ.भारती बहन पटेल के सात्विक दान से स्वामी श्रद्धानंद गुफा का लोकार्पण हुआ। पूज्य स्वामी प्रणवानन्द जी, पूज्य स्वामी विदेह योगी जी, पूज्य स्वामी ब्रह्मानन्द जी, हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा के संरक्षक कन्हैयालाल आर्य, प्रभुभाई वेलाणी, दुर्गा प्रसाद गोयल, हरिभाई आर्य, जयपाल बेन्दा, जयसिंह गहलोत, नरसाराम आर्य, ज्योत्स्ना धर्मवीर, मोतीलाल आर्य, बाबुलाल आर्य आदि की सम्पूर्ण कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति रही।