हिंदी लाओ बनाम अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ हटाओ ।


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Dr. Ved Prtap VedicDate
03-Jul-2017Category
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03-Jul-2017Download PDF
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केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ वैंकया नायडू ने à¤à¤¸à¥€ बात कह दी है, जो मैं अमित शाह और नरेंदà¥à¤° मोदी के मà¥à¤‚ह से सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ चाहता हूं। जो बात नायडू ने कही है, उससे सर संघचालक मोहन à¤à¤¾à¤—वत पूरà¥à¤£à¤¤à¤¯à¤¾ सहमत हैं लेकिन वे à¤à¥€ जरा खà¥à¤²à¤•à¤° बोले, यह जरà¥à¤°à¥€ है। यदि मोहनजी इस मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर जमकर बोले तो हमारे नेताओं और नौकरशाहों की नींद जरà¥à¤° खà¥à¤²à¥‡à¤—ी। कौनसी है, वह बात जो नायडूजी ने बोल दी है ? नायडू ने देश की सड़ती हà¥à¤ˆ रग पर उंगली रख दी है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा है कि हम लोग अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के मोह-पाश में फंसते चले जा रहे हैं। हमारी ‘à¤à¤¾à¤·à¤¾’ के साथ-साथ हमारी ‘à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾’ à¤à¥€ बदलती जा रही है। हमें हमारी शिकà¥à¤·à¤¾ नीति पर फिर से विचार करने की जरà¥à¤°à¤¤ है। राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤à¤¾à¤·à¤¾ के तौर पर हिंदी सà¤à¥€ को सीखनी चाहिठऔर समसà¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं को à¤à¥€ समान रà¥à¤ª से पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ किया जाना चाहिà¤à¥¤
यही बात गांधी, लोहिया और गोलवलकर कहा करते थे लेकिन हमारे नेताओं की बौदà¥à¤§à¤¿à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€ इतनी गहरी रही है कि उनकी हिमà¥à¤®à¤¤ नहीं कि वे अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के वरà¥à¤šà¤¸à¥à¤µ को चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दे। अपने आप को राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ कहनेवाले नेता सिरà¥à¤« à¤à¤• ही रट लगाठरहते हैं, हिंदी लाओ, हिंदी लाओ। ये लोग हिंदी के सबसे बड़े दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हिंदी को खतà¥à¤® करनेवाली अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के खिलाफ वे à¤à¤• शबà¥à¤¦ à¤à¥€ नहीं बोलते। जब तक अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ का दबदबा बना रहेगा, हिंदी का दम घà¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ चला जाà¤à¤—ा। इसके अलावा हिंदी, हिंदी चिलà¥à¤²à¤¾à¤•à¤° वे अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं को हिंदी का दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ बना देते हैं। हिंदी को इस दोहरी दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨à¥€ से बचाना हो तो ‘अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ हटाओ और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤à¤‚ लाओ’ - यही à¤à¤• मातà¥à¤° नारा है। अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ हटाओ का अरà¥à¤¥ अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ से नफरत करना नहीं है। उसके वरà¥à¤šà¤¸à¥à¤µ का, उसके à¤à¤•à¤¾à¤§à¤¿à¤•à¤¾à¤° का, उसकी अनिवारà¥à¤¯à¤¤à¤¾ का विरोध करना है। विदेशी à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ तो सà¥à¤µà¤¾à¤—त योगà¥à¤¯ है। मैंने जब अपनी पीà¤à¤š.डी. का शोधगà¥à¤°à¤‚थ (अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ राजनीति) हिंदी में लिखा तो रà¥à¤¸à¥€, फारसी और जरà¥à¤®à¤¨ à¤à¥€ सीखी। किसी à¤à¤¾à¤·à¤¾ से कोई मूरà¥à¤– ही नफरत कर सकता है लेकिन उससे बड़ा मूरà¥à¤– कौन होगा, जो अपनी à¤à¤¾à¤·à¤¾ को नौकरानी और विदेशी à¤à¤¾à¤·à¤¾ को महारानी मान बैठे। à¤à¤¾à¤°à¤¤ की संसद, अदालत और सरकारी कामकाज में अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ को महारानी का दरà¥à¤œà¤¾ देनेवाले नेताओं और नौकरशाहों को आप कà¥à¤¯à¤¾ कहेंगे? हमारे इन à¤à¥‹à¤²à¥‡ à¤à¤‚डारियों को यह पता नहीं कि अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ हटेगी तो हिंदी समेत अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं के लिठजगह अपने आप खाली हो जाà¤à¤—ी।
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